LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

DEO के निरीक्षण में खुली शिक्षा व्यवस्था की पोल! सधवानी स्कूल में नहीं मिला एक भी छात्र, नोटिस जारी… लेकिन वर्षों से अटैच प्राचार्य पर कार्रवाई कब?

DEO के निरीक्षण में खुली शिक्षा व्यवस्था की पोल! सधवानी स्कूल में नहीं मिला एक भी छात्र, नोटिस जारी… लेकिन वर्षों से अटैच प्राचार्य पर कार्रवाई कब?

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में शाला प्रवेश उत्सव और शिक्षा गुणवत्ता सुधार के बड़े-बड़े दावों के बीच सधवानी स्कूल में सामने आई तस्वीर ने पूरे शिक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने उल्लास साक्षरता समीक्षा बैठक के बाद मिडिल स्कूल सधवानी का औचक निरीक्षण किया, जहां स्कूल में एक भी छात्र उपस्थित नहीं मिला।

ये खबर भी पढ़ें…
भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर विजय दया राम के.ने दिए सख्त निर्देश
भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर विजय दया राम के.ने दिए सख्त निर्देश
September 26, 2026
भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर विजय दया राम के.ने दिए सख्त निर्देश गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

स्थिति देखकर जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रधानाध्यापक को जमकर फटकार लगाई और तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के खिलाफ भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

ये खबर भी पढ़ें…
सेवा’ के नाम पर शिक्षकों से 200 रुपये की वसूली? शिक्षा रथ अभियान पर उठे गंभीर सवाल
सेवा’ के नाम पर शिक्षकों से 200 रुपये की वसूली? शिक्षा रथ अभियान पर उठे गंभीर सवाल
September 26, 2026
सेवा’ के नाम पर शिक्षकों से 200 रुपये की वसूली? शिक्षा रथ अभियान पर उठे गंभीर सवाल DEO बोले—ऐसी कोई...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

लेकिन इस कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब छोटे कर्मचारियों और शिक्षकों पर तत्काल नोटिस जारी किए जा रहे हैं, तब गुरुकुल पेंड्रारोड के प्राचार्य जी. ए. अश्वनी कुमार के वर्षों से बिलासपुर जिले में अटैच रहने के मामले पर विभाग आखिर मौन क्यों है?

स्थानीय लोगों और शिक्षा जगत में चर्चा है कि यदि संबंधित प्राचार्य कई वर्षों से दूसरे जिले में सेवाएं दे रहे हैं, तो गुरुकुल पेंड्रारोड की शैक्षणिक व्यवस्था कौन संभाल रहा है? विद्यार्थियों के अध्यापन और विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी आखिर किसके भरोसे छोड़ी गई है? सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह भी है कि यदि प्राचार्य दूसरे जिले में कार्यरत हैं, तो उनका वेतन अब भी जीपीएम जिले से क्यों आहरित किया जा रहा है? क्या विभाग के पास इसका कोई स्पष्ट जवाब है? यदि स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, तो वर्षों से जारी ऐसे अटैचमेंट पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

ये खबर भी पढ़ें…
राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना,
राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना,
September 26, 2026
राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना, गौरेला नगर पालिका अध्यक्ष एवं...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

शिक्षा विभाग एक ओर स्कूलों में उपस्थिति, गुणवत्ता और जवाबदेही की बात करता है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से चल रही अटैचमेंट व्यवस्था पर चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है। आखिर नियम केवल निचले स्तर के शिक्षकों के लिए हैं या फिर वरिष्ठ प्राचार्यों पर भी समान रूप से लागू होंगे?

क्या सिस्टम से ऊपर है प्राचार्य, जी ए अश्वनी कुमार….!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!